केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मई 2022 में लड़कियों को भी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल करने की अधिसूचना जारी हो जाएगी. उससे पहले तीनों सेनाओं के विशेषज्ञ महिला कैडेट के चयन के मापदंड तैयार करने में लगे हैं. चुनी जाने वाली लड़कियों की ट्रेनिंग के पैमानों पर भी निर्णय लिया जा रहा है. साथ ही, महिला कैडेट को अकादमी में रखने के लिए बुनियादी ढांचे और सपोर्ट स्टाफ की आवश्यकताओं का भी आकलन किया जा रहा है.

लड़कियों को सेना में भर्ती के लिए समान अवसर देने की मांग के लिए वकील कुश कालरा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. इसमें कहा गया है कि सेना में युवा अधिकारियों की नियुक्ति करने वाले नेशनल डिफेंस एकेडमी लड़कों को ही दाखिला मिलता है. ऐसा करना उन योग्य लड़कियों के मौलिक अधिकारों का हनन है, जो सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहती हैं. 8 सितंबर को हुई सुनवाई में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसने लड़कियों को भी NDA के ज़रिए सेना में कमीशन देने का निर्णय लिया है. अब उसी के बारे में हलफनामा दाखिल किया गया है.

रक्षा मंत्रालय की तरफ से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि तीनों सेनाएं NDA के माध्यम से महिला अधिकारियों की नियुक्ति के लिए तैयार हैं. उससे पहले आवश्यक मानक तय किए जा रहे हैं. हलफनामे में बताया गया है कि 10+2 की परीक्षा पास करने वाले साढ़े 16 से साढ़े 19 साल के कैडेट भर्ती किए जाते हैं. सिर्फ शारीरिक रूप से फिट कैडेट ही चुने जाते हैं. लड़कों के शारीरिक मापदंड तय हैं. लड़कियों के लिए मापदंड तय करने पर चर्चा चल रही है. उसी तरह यह भी देखा जा रहा कि लड़कियों के लिए ट्रेनिंग के तरीके में किस तरह का बदलाव किया जाए जो उनके लिए सही हो और सेना की ज़रूरतों को भी पूरा करता हो.

By Newzzar

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