Good news for employees - Indian companies will increase salary this year by such percentage

 

अर्थव्यवस्था में सुधार की आशा और कड़े कंपटीशन के बीच एक सर्वे के मुताबिक इस साल 97.5 फीसदी भारतीय कंपनिया अपने कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 8.8 फीसदी वृद्धि करेंगी. 2022 में भारतीय कर्मचारियों को औसत वेतन वृद्धि 9.4% मिल सकती है. यानी महामारी काल के दौरान भी कमर्चारियों के वेतन वृद्धि की उम्मीद है. ये बात मंगलवार को जारी एऑन के 26वें वार्षिक वेतन वृद्धि सर्वे में सामने आई है. सर्वे के मुताबिक 2022 को लेकर ज्यादातर कंपनियां आशान्वित हैं.

अनुमानित वेतन वृद्धि 2018 के बाद से सबसे ज्यादा है- सर्वे

कंसल्टिंग फर्म एऑन ने लगभग 1350 फर्मों के अपने भारत वेतन वृद्धि सर्वे में कहा कि अनुमानित वेतन वृद्धि 2018 के बाद से सबसे अधिक है जब औसत वृद्धि 9.5% थी. सात साल के दोहरे अंकों के वेतन वृद्धि के बाद, 2017 में भारत में औसत वेतन वृद्धि के आंकड़े गिरकर 9.3% हो गए, इसके बाद के वर्षों में 9.5%, 9.3%, 6.1% और 8.8% हो गए थे.

सर्वे के मुताबिक विभिन्न क्षेत्रों की धारणा पॉजिटिव हैं और भारतीय कंपनियां पुनरुद्धार की राह पर हैं. ज्यादातर कंपनियों के मुताबिक 2021-22 में वेतन वृद्धि 2018-19 के स्तर पर पहुंच जाएंगी.

कंपनियां ग्रोथ को मैनेज करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं

सर्वे में कहा गया है कि 2021 में प्रमुख कौशल की हाई डिमांड देखी गई और एक्चुअल सैलरी हाईक को 7.7% के अनुमान के मुकाबले 8.8% तक धकेल दिया गया, क्योंकि अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है, और कंपनियां दूसरी लहर से निपटने और ग्रोथ को मैनेज करने के लिए लचीली हो रही हैं. इसके साथ ही सर्वे में ये भी कहा गया है कि फर्मों ने प्रदर्शन करने वालों को औसत वेतन वृद्धि का 1.7 गुना भुगतान करने की इच्छा व्यक्त की है.

टेक्नोलॉजी सेक्टर बना है सबसे बेस्ट पेमास्टर

2022 में 11.2% की औसत हाईक के साथ टेक्नोलॉजी सेक्टर सबसे बेस्ट पेमास्टर बना हुआ है, इसके बाद प्रोफेशनल सर्विसेज और ई-कॉमर्स फर्मों का स्थान आता है, जिनसे 10.6% वेतन वृद्धि की उम्मीद है इसी तरह, आईटी, लाइफ साइंस और फार्मा और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर 9.2-9.6% वेतन वृद्धि की पेशकश करने के लिए तैयार हैं.

एनर्जी सेक्टर सबसे कम वेतन वृद्धि करेंगी

यहां तक ​​​​कि रियल एस्टेट और इंफ्रॉस्ट्रक्चर के 2021 में 6.2% के मुकाबले 8.8% की बढ़ोतरी का भुगतान करने की उम्मीद है. इसी तरह, हॉस्पिटैलिटी और रेस्टोरेंट सेक्टर में 7.9% की बढ़ोतरी का भुगतान करने की उम्मीद है. सर्वे के अनुसार, ऊर्जा और इंजीनियरिंग डिजाइन सेवाएं प्रमुख क्षेत्रों में सबसे कम वेतन वृद्धि (7.7%) प्रदान करेंगी. इसमें कहा गया है एनर्जी सेक्टर में 2022 में कर्मचारियों की वृद्धि में 7.7% की गिरावट देखी जाएगी, जबकि पहले यह 8.2% थी.

भारतीयों ने महामारी के बावजूद ग्रोथ दिखाई

वहीं एऑन के ह्यूमन कैपिटल बिजनेस में पार्टनर रूपांक चौधरी ने कहा, “कोविड-19 की एक और लहर के बावजूद, भारतीयों ने कठिन समय में राइडिंग करने में लचीलापन दिखाया है. जबकि भारत में महामारी का जोखिम जारी है, 2022 के लिए बिजनेस सेंटीमेंट और सैलरी प्रोजेक्शन हमें बताते हैं कि एम्पलॉयर्स विकास के लिए निर्माण कर रहे हैं और 2020 की तुलना में बहुत बेहतर तैयार हैं.

अर्थव्यवस्था में सुधार की आशा और कड़े कंपटीशन के बीच एक सर्वे के मुताबिक इस साल 97.5 फीसदी भारतीय कंपनिया अपने कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 8.8 फीसदी वृद्धि करेंगी. 2022 में भारतीय कर्मचारियों को औसत वेतन वृद्धि 9.4% मिल सकती है. यानी महामारी काल के दौरान भी कमर्चारियों के वेतन वृद्धि की उम्मीद है. ये बात मंगलवार को जारी एऑन के 26वें वार्षिक वेतन वृद्धि सर्वे में सामने आई है. सर्वे के मुताबिक 2022 को लेकर ज्यादातर कंपनियां आशान्वित हैं.

अनुमानित वेतन वृद्धि 2018 के बाद से सबसे ज्यादा है- सर्वे

कंसल्टिंग फर्म एऑन ने लगभग 1350 फर्मों के अपने भारत वेतन वृद्धि सर्वे में कहा कि अनुमानित वेतन वृद्धि 2018 के बाद से सबसे अधिक है जब औसत वृद्धि 9.5% थी. सात साल के दोहरे अंकों के वेतन वृद्धि के बाद, 2017 में भारत में औसत वेतन वृद्धि के आंकड़े गिरकर 9.3% हो गए, इसके बाद के वर्षों में 9.5%, 9.3%, 6.1% और 8.8% हो गए थे.

सर्वे के मुताबिक विभिन्न क्षेत्रों की धारणा पॉजिटिव हैं और भारतीय कंपनियां पुनरुद्धार की राह पर हैं. ज्यादातर कंपनियों के मुताबिक 2021-22 में वेतन वृद्धि 2018-19 के स्तर पर पहुंच जाएंगी.

कंपनियां ग्रोथ को मैनेज करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं

सर्वे में कहा गया है कि 2021 में प्रमुख कौशल की हाई डिमांड देखी गई और एक्चुअल सैलरी हाईक को 7.7% के अनुमान के मुकाबले 8.8% तक धकेल दिया गया, क्योंकि अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है, और कंपनियां दूसरी लहर से निपटने और ग्रोथ को मैनेज करने के लिए लचीली हो रही हैं. इसके साथ ही सर्वे में ये भी कहा गया है कि फर्मों ने प्रदर्शन करने वालों को औसत वेतन वृद्धि का 1.7 गुना भुगतान करने की इच्छा व्यक्त की है.

टेक्नोलॉजी सेक्टर बना है सबसे बेस्ट पेमास्टर

2022 में 11.2% की औसत हाईक के साथ टेक्नोलॉजी सेक्टर सबसे बेस्ट पेमास्टर बना हुआ है, इसके बाद प्रोफेशनल सर्विसेज और ई-कॉमर्स फर्मों का स्थान आता है, जिनसे 10.6% वेतन वृद्धि की उम्मीद है इसी तरह, आईटी, लाइफ साइंस और फार्मा और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर 9.2-9.6% वेतन वृद्धि की पेशकश करने के लिए तैयार हैं.

एनर्जी सेक्टर सबसे कम वेतन वृद्धि करेंगी

यहां तक ​​​​कि रियल एस्टेट और इंफ्रॉस्ट्रक्चर के 2021 में 6.2% के मुकाबले 8.8% की बढ़ोतरी का भुगतान करने की उम्मीद है. इसी तरह, हॉस्पिटैलिटी और रेस्टोरेंट सेक्टर में 7.9% की बढ़ोतरी का भुगतान करने की उम्मीद है. सर्वे के अनुसार, ऊर्जा और इंजीनियरिंग डिजाइन सेवाएं प्रमुख क्षेत्रों में सबसे कम वेतन वृद्धि (7.7%) प्रदान करेंगी. इसमें कहा गया है एनर्जी सेक्टर में 2022 में कर्मचारियों की वृद्धि में 7.7% की गिरावट देखी जाएगी, जबकि पहले यह 8.2% थी.

भारतीयों ने महामारी के बावजूद ग्रोथ दिखाई

वहीं एऑन के ह्यूमन कैपिटल बिजनेस में पार्टनर रूपांक चौधरी ने कहा, “कोविड-19 की एक और लहर के बावजूद, भारतीयों ने कठिन समय में राइडिंग करने में लचीलापन दिखाया है. जबकि भारत में महामारी का जोखिम जारी है, 2022 के लिए बिजनेस सेंटीमेंट और सैलरी प्रोजेक्शन हमें बताते हैं कि एम्पलॉयर्स विकास के लिए निर्माण कर रहे हैं और 2020 की तुलना में बहुत बेहतर तैयार हैं.

 

By Newzzar

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