HUNGAMA

एक गलती, फिर दूसरी गलती औऱ फिर गलतियों का पहाड.. गलतीयों में हो जाता बड़ा कन्फ्यूजन, डायरेक्टर प्रियदर्शन कुछ एसी ही कहानी में से कॉमेडी फिल्में बनाने में माहिर है, अब एसी ही नई फिल्म है हंगामा-2..आपको यें फिल्म देखनी चाहिए या नहीं. चलिए इस रिपोर्ट में हम आपको बताते है….

क्या है हंगामा-2 की कहानी

फिल्म की शरुआत में दो परिवारों शादी का जश्न मनाया जा रहा है. एक परिवार बेहद अमीर है तो दूसरा परिवार दूसरा अमीर होकर अपने बेटे के निकम्मेपन की वजह से परेशान है. उस बेटे का नाम है आकाश ( मीजान जाफरी).

शादी कह लीजिए या सौदा, लेकिन आकाश की जिंदगी बदलने वाली है क्योंकि उसके पिता ( आशुतोष राणा) ने अपने दोस्त के घर उसका रिश्ता सेट कर दिया है. अब उम्मीद पूरी रहती है कि शादी की शहनाई जल्द बजेगी लेकिन तभी वाणी ( प्रणिता सुभाष) नाम का बम आकाश की जिंदगी में भूचाल ला देता है. ट्रेलर में ही बता दिया गया था ये वाणी, आकाश से प्यार करती है और दावा कर देती है कि वो उसके बच्चे की मां है. 

शॉट में तो यहीं कहानी है, डिटेल में जानना है तो बस ये समझ लीजिए इन किरदारों के अलावा आकाश के घर में एक कुक (टीकू तलसानिया) भी है, उसकी ऑफिस सेक्रेट्ररी अंजलि ( शिल्पा शेट्टी) भी है और उस अंजलि का एक शकी पति राधे (परेश रावल) है. इन सभी किरदारों का काम कहानी में कन्फ्यूजन बढ़ाने का है. अब सवाल आता है कि वाणी जिस बच्चे को आकाश का बता रही है, वो असल में किसका है? कौन झूठ बोल रहा है- आकाश या वाणी? आकाश की होने वाली शादी का क्या होगा? कौन झूठ बोल रहा है- आकाश या वाणी? आकाश की होने वाली शादी का क्या होगा? 2 घंटे 36 मिनट निकालने पड़ेंगे, तब ये कन्फ्यूजन क्लियर हो जाएगा.

कॉमेडी फिल्म से कॉमेडी हो गई गूल

प्रियदर्शन ने लंबे समय बाद डायरेक्शन में वापसी की है. हंगामा 2 को उन्होंने एक पारिवारिक फिल्म बताया था, ये भी कहा था कि फिल्म में कॉमेडी बिल्कुल साफ- -सुथरी रखी गई है. फिल्म देखकर डायरेक्टर की बात बिल्कुल सही लगती है, कुछ भी उटपटांग नहीं दिखाया गया है, बिना सिर पैर की कॉमेडी भी नहीं है. लेकिन मजे की बात ये है कि फिल्म में कॉमेडी भी नहीं है. 2 घंटे 36 मिनट की फिल्म में कोई अगर आपको 10 मिनट हंसा दे, तो उसे कॉमेडी फिल्म नहीं कह सकते. 

एक्टिंग ने बचाई डूबती नैया

एक्टिंग के मामले में कुछ राहत जरूर दिखाई पड़ती है. मीजान की कॉमिक टाइमिंग बढ़िया लगी है. प्रणिता सुभाष का काम भी सही कहा जाएगा. ये देखकर अच्छा लगा कि डायरेक्टर ने फिल्म में अपनी फीमेल लीड को काफी स्पेस दी है. आधे से ज्यादा कन्फ्यूजन उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमे हैं. इस बार आशुतोष राणा को भी अलग टाइप का रोल मिला है.

शिल्पा शेट्टी की लंबे समय बाद वापसी

लंबे समय बाद वापसी कर रहीं शिल्पा शेट्टी को फिल्म में कई बार आता-जाता दिखाया गया है. लेकिन एक ठोस किरदार की कमी है. मेकर्स ने उन्हें उन्हीं के पुराने गानों पर बढियां डांस करवाया है, जो का काफी मेमोरेबल हो सकता है.फिल्म में परेश रावल को शिल्पा के पति के तौर पर दिखाया गया है. ये सुनने में जितना अजीब लगता है, देखते समय भी अटपटा दिखाई पड़ता है. कॉमेडी फिल्म जरूर है,लेकिन ये कपल बेमेल सा लगता है.

हंगामा-2 देखनी चाहिए या नहीं?

फिल्म में कुछ गाने भी रखे गए हैं. अलग से सुनेंगे तो शायद बढ़िया लगें, लेकिन फिल्म के लिहाज से सटीक नहीं बैठते हैं. ऐसे में हंगामा 2 को लेकर दर्शको की आतूरता जरुर थी.लेकिन हंगामा के पहले पार्ट जितना दूसरा पार्ट शानदार नहीं है. शोर शराबे वाली यह फिल्म अगर नहीं देखी तो आपको कुछ ज्यादा नुकसान नहीं होगा.

By Newzzar

Leave a Reply

Your email address will not be published.