national doctor's day

आज नेशनल डॉक्टर्स डे है. डॉक्टर्स ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. लोगों की सेवा करते हुए कई डॉक्टर्स ने अपनी जान भी गंवाई है. इस साल नेशनल डॉक्टर्स डे की थीम कोरोना वायरस से जोड़ कर रखी गयी है- बिल्डिंग फेयरर, हेल्थियर वर्ल्ड. लेकिन देश में डॉक्टरों की तादात हमारी सेहत को दुरुस्त रखने के लिए पर्याप्त नहीं है. हमारे यहां 1348 लोगों पर एक डॉक्टर सेवा देने के लिए मौजूद है. जबकि WHO की गाइडलाइन के मुताबिक एक हजार लोगों पर एक डॉक्टर होना चाहिए.

देश में डॉक्टर्स की वर्तमान स्थिति
देश में इस वक्त 12 लाख 89 हजार रजिस्टर्ड डॉक्टर्स हैं. पेशे में जुटे हुए डॉक्टर्स की संख्या 10 लाख 31 हजार है यानी कि कुल रजिस्टर्ड का डॉक्टर्स का केवल 80 फीसदी. देश में तीन लाख 60 हजार डॉक्टर्स की अभी भी कमी है. कोरोना की दूसरी लहर में अबतक 798 डॉक्टर्स अपनी जान गंवा चुके हैं. जबकि पिछले साल 734 डॉक्टरों की कोरोना से मौत हुई थी. स्वास्थ्य क्षेत्र पर जीडीपी का 1.28 फीसदी फिलहाल खर्च हो रहा है जबकि जीडीपी का 2.50 फीसदी खर्च करने की जरूरत है.

डॉक्टर्स कम्यूनिटी ने कोविड-19 महामारी से लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है और इस समय भी डॅाक्टर अपनी जान की परवाह किए बगैर देश सेवा में लगे हुए हैं.

By Newzzar

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