Ravindra Jadeja remembers the worst time of his career

भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रही है.ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को भी दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है, जडेजा ने कोहनी की चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज से ब्रेक लिया था. जडेजा 2018 के इंग्लैंड दौरे से पहले काफी समय तक भारतीय टेस्ट और वनडे टीम से बाहर थे. लेकिन उस दौरे के बाद जडेजा की किस्मत बदल गई.

मैं उस वक्त सो नहीं पाता था

एक इन्टरव्यू में रवींद्र जडेजा ने कहा कि सच कहूं तो मैं उस वक्त सो नहीं पाता था, मैं अभी भी बिस्तर पर जाग रहा था. मुझे ठीक-ठीक याद है कि मैं सुबह 4-5 बजे उठता था और सोचता था कि आगे क्या करना है. क्या मुझे लौट जाना चाहिए? बस ऐसे ही विचारों के साथ बिस्तर पर लेटे रहना. मैं टेस्ट टीम का हिस्सा था लेकिन खेलों का नहीं. मैं वनडे में भी नहीं खेल रहा था.

मैं भारतीय टीम के साथ प्रवास करते हुए घरेलू क्रिकेट भी नहीं खेल सका, मुझे इस दौरान अपने कौशल का प्रदर्शन करने का मौका भी नहीं मिला, इसलिए मैं सोचता रहा कि इस समय के बाद मैं टीम में कैसे वापस आ सकता हूं.

ओवल टेस्ट के बाद सब कुछ बदल गया – जडेजा

32 वर्षीय जडेजा ने कहा कि ओवल टेस्ट के बाद सब कुछ बदल गया. मेरा प्रदर्शन, मेरा आत्मविश्वास सब कुछ.मुझे यह भी विश्वास दिलाया कि एक बल्लेबाज की तकनीक उसे दुनिया के किसी भी कोने में रन बनाने में मदद कर सकती है. तब हार्दिक पांड्या चोटिल हो गए और मुझे भी वनडे टीम में प्रदर्शन करने का मौका मिल रहा था.

आईपीएल के लिए विशेष प्रशिक्षण – जडेजा

रवींद्र जडेजा ने कहा, ‘जब मैं आईपीएल की तैयारी कर रहा था तो मुझे एहसास हुआ कि टाइमिंग के साथ-साथ पावर हिटिंग भी यहां बहुत जरूरी है, परिणामस्वरूप मैंने अपने प्रशिक्षण में भी बदलाव किए. चूंकि टेस्ट मैच में कोई समय सीमा नहीं होती है, इसलिए पूरा खेल समय पर निर्भर करता है. लेकिन टी20 का एक अलग मंत्र है.मैंने सीजन से पहले अपने प्रशिक्षण का समय बढ़ाया, साथ ही अपने ऊपरी शरीर पर काम किया.

By Newzzar

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