FASTag

आज से पूरे देश में नेशनल हाइवे टोल्स पर भुगतान के लिए फास्ट टैग अनिवार्य है. जिस गाड़ी पर फास्ट टैग नहीं होगा, उसपर भारी जुर्माना जुर्माना लगेगा. हालांकि टू व्हीलर वाहनों को फास्टैग से छूट दी गई है. फास्टैग साल 2011 में लागू किया गया था. साल 2017 के बाद खरीदे जाने वाले सभी वाहनों के लिए फास्टैग को जरूरी कर दिया गया था.इस बीच, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बताया है कि, फास्टैग लागू करने की समय सीमा अब आगे नहीं बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि अब वाहन मालिकों को तुरंत फास्टैग खरीदना चाहिए.

कैसे खरीद सकते हैं फास्टैग

 फास्टैग अनिवार्य करने के बाद लोगों के सामने समस्या आ रही है कि वो फास्टैग कैसे खरीदें, तो बता दें कि, टोल प्लाजा पर विभिन्न बैंकों के एजेंट ने काउंटर लगाए हैं. यहां से लोग फास्टैग खरीद सकते हैं. बता दें, फास्टैग को अनिवार्य किए जाने के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों को अब रुकना नहीं पड़ेगा और टोल शुल्क का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो जाएगा. इससे समय की बचत तो होगी ही, टोल प्लाजा पर ट्रैफिक या लंबी लाईन भी नहीं लगेगी.

फास्टैग नहीं लगाया तो क्या होगा?

अगर गाड़ी में फास्टैग नहीं लगा होगा तो चालक/मालिक को टोल प्लाजा पार करने के लिए दोगुना टोल टैक्स या जुर्माना देना होगा. सरकार की तैयारी है कि 15 फरवरी से 100 फीसदी टोल फास्टैग की मदद से ही कलेक्ट किया जा सके. फिलहाल नेशनल हाईवे से जितने भी टोल टैक्स आते हैं, उनमें 80 फीसद ही फास्ट टैग से आते हैं.

क्या है फास्टैग?

फास्टैग एक प्रकार का टैग या स्टिकर होता है. यह वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा हुआ होता है. फास्टैग रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन या RFID तकनीक पर काम करता है. इस तकनीक के जरिए टोल प्लाजा पर लगे कैमरे स्टिकर के बार-कोड को स्कैन कर लेते हैं और टोल फीस अपने आप फास्टैग के वॉलेट से कट जाती है.

By Newzzar

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