imran

पाकिस्तान के सिंध राज्य के एक फैसले की वजह से देश के कई हिस्सों में आटे की कमी का संकट पेदा हुआ है. सिंध राज्य ने पुराने गेहूं का स्टॉक देने के फैसले को रद्द कर दिया है. ये स्टॉक करीब 32 हजार टन का है. लेकिन अब ये गेहूं सिंध के पास ही रहेगा. ऐसे में कराची, लरकाना, शिकारपुर, कंबर-शाहबाबकोट, जकोबाबाद और काशमोर रीजन में आटे की कमी की वजह से इस साल फिर से लोगों को भरपेट खाना मिलने में दिक्कत हो सकती है. पिछले कई सालों से पाकिस्तान में ऐसे हालात बनते रहे हैं, जिसमें पाकिस्तान की एक बड़ी आबादी के पास पेट भरने के लिए रोटियां नहीं मिल पाती. लोग कई गुना ज्यादा दामों में रोटियां-ब्रेड खरीदते हैं और कई बार कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन जाती है.

Ration material is over in Pakistan

सिंध प्रांत के इस फैसले की वजह से सबसे ज्यादा असर कराची रीजन पर पड़ेगा. क्योंकि 32 हजार टन गेहूं में से 16 हजार टन गेहूं अकेले कराची को मिलना था. सिंध राज्य के फूड डिपार्टमेंट ने बयान जारी कर कहा कि हमें पुराना गेहूं नष्ट करना पड़े, तो हम कर देंगे. लेकिन फ्लोर मिल्स माफिया के हाथों में गेहूं नहीं पड़ने देंगे. वैसे भी सरकार की गेहूं रिलीज करने की पॉलिसी साल 2020-2021 की पॉलिसी में भी इस तरह का कोई जिक्र नहीं है. फूड डिपार्टमेंट ने कहा कि हमारा मकसद साफ है. हम स्कैम से बचना चाहते हैं, इसके लिए माफिया को फायदा कतई नहीं पहुंचाएंगे.

Ration material is over in Pakistan

सिंध राज्य के फूड डिपार्टमेंट ने 2 फरवरी को ये गेहूं देने की बात कही थी. लेकिन आटा मिल माफिया गिरोह के नाम पर 8 फरवरी को दूसरा आदेश जारी किया और अपने फैसले को रद्द कर दिया. सिंध राज्य के इस फैसले से केंद्र सरकार में भी काफी नाराजगी है और प्रधानमंत्री इमरान खान भी इस फैसले की वजह से काफी चिंतित हैं. इसी वजह से 10 अप्रैल को पाकिस्तान की कैबिनेट ने सिंध सरकार के इस फैसले का विरोध किया. और पूरे मामले पर काफी देर तक चर्चा हुई. सरकार को इस बात का डर है कि कहीं आम जनता रोटी की कमी की वजह से बगावत न कर दे.

Ration material is over in Pakistan

सिंध में जिस 32 हजार टन गेहूं की बात हो रही है, उसकी क्वालिटी खराब बताई जा रही है. इसके बावजूद सिंध सरकार वो गेहूं नहीं दे रही है. ऐसे में जब कैबिनेट में मामला उठा तो कहा गया कि क्या सिंध सरकार आम जनता को जानवरों से भी बदतर मानती है? जो गेहूं लोगों को न देकर फैट्रियों के लिए दे रही है. यही नहीं, कैबिनेट ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान के अंदर खाद्यान्न पदार्थों का जो संकट बना है, वो भी सिंध की वजह से है. क्योंकि सिंध सरकार अपना डाटा केंद्रीय सरकार के साथ साझा ही नहीं कर रही है.

सिंध राज्य के फूड डिपार्टमेंट ने 2 फरवरी को ये गेहूं देने की बात कही थी. लेकिन आटा मिल माफिया गिरोह के नाम पर 8 फरवरी को दूसरा आदेश जारी किया और अपने फैसले को रद्द कर दिया. सिंध राज्य के इस फैसले से केंद्र सरकार में भी काफी नाराजगी है और प्रधानमंत्री इमरान खान भी इस फैसले की वजह से काफी चिंतित हैं. इसी वजह से 10 अप्रैल को पाकिस्तान की कैबिनेट ने सिंध सरकार के इस फैसले का विरोध किया. और पूरे मामले पर काफी देर तक चर्चा हुई. सरकार को इस बात का डर है कि कहीं आम जनता रोटी की कमी की वजह से बगावत न कर दे.

By Newzzar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *