Uttrakhand
  • उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से हुई त्रासदी से सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए अब ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस हादसे में अबतक 33 शव बरामद हो चुके हैं. आटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां पिछले तीन दिनों से टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. इस त्रासदी के बाद 175 लोग लापता हैं.
  • तपोवन की टनल से जेसीबी की मशीनें लगातार मिट्टी निकालने का काम कर रही है. रेस्क्यू टीम को 180 मीटर तक मिट्टी हटानी है. राहतकर्मी अभी तक तपोवन टनल में 120 मीटर अंदर तक मलबा हटा चुके हैं. 60 मीटर और खुदाई का काम बचा है. इसके बाद ही मजदूरों के मिलने की उम्मीद है.
  • मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बताया कि रैणी से लेकर नदी तटों के सभी स्थलों पर भी व्यापक खोजबीन की जा रही है, ताकि लापता लोगों का पता लग सके. उन्होंने कहा कि इस आपदा में हमें केदारनाथ के अनुभवों का भी लाभ मिल रहा है, यदि लोगों की पहचान हो सके तो ठीक है नहीं तो उनके डीएनए की जांच कर रिकार्ड सुरक्षित रखने के प्रयास किये जा रहे हैं.
  • उत्तराखंड के ऋषिगंगा में मारने वाले जिन लोगों की पहचान नहीं हो सकेगी, सरकार उनके डीएनए की जांच करवाएगी. इस डीएनए रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाएगा, जिसके आधार पर मृतकों की शिनाख्त हो सकेगी. उत्तराखंड के ऋषिगंगा में आए बर्फीले तूफान के बाद मंगलवार शाम तक यहां 32 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं. इनमें से अभी तक 25 शवों की शिनाख्त हो सकी है. 7 शव अभी भी अज्ञात हैं. उत्तराखंड प्रशासन के मुताबिक तूफान में लापता हुए 197 अन्य व्यक्तियों की तलाश अभी जारी है.

By Newzzar

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