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वॉट्सएप की नई प्राइवेट पॉलिसी को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है कि वॉट्सएप की नई पॉलिसी के तहत कंपनी को यह अधिकार है कि वह किसी भी व्यक्ति की वर्चुअल तौर पर कोई भी गतिविधि देख सके. याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि नई प्राइवेट पॉलिसी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई.

कोर्ट में दाखिल याचिका में यह भी कहा गया है कि यह किसी भी व्यक्ति के राइट टू प्राइवेसी के अधिकार का उल्लंघन है. यह याचिका वकील चैतन्या रोहिल्ला की तरफ से लगाई गई है जिसमें कहा गया है कि वॉट्सएप और फेसबुक जैसी कंपनियां पहले ही गैरकानूनी तरीके से आम लोगों का डाटा थर्ड पार्टी को शेयर कर रही हैं. ऐसे में वॉट्सएप की नई प्राइवेट पॉलिसी बिना सरकार से इजाजत लिए बनाई गई है.

गाइडलाइंस जारी करे भारत सरकार

इस याचिका में कोर्ट से मांग की गई है वॉट्सएप की नई प्राइवेट पॉलिसी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए और उसके साथ भारत सरकार वॉट्सएप के इस्तेमाल और लोगों की राइट टू प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए गाइडलाइंस जारी करें. याचिका में कहा गया है कि भारत सरकार इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 79(2) (C)और सेक्शन 87 (2) (ZG) के तहत मिली मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ये सुनिश्चित करें कि वॉट्सएप किसी भी थर्ड पार्टी को यूजर्स का डाटा साझा नहीं कर पाए. वॉट्सएप ने 4 जनवरी को अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव किया है. इस बदलाव के बाद वॉट्सएप को इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए इसके सभी नियमों और शर्तों को स्वीकार करना जरूरी है. इसके तहत वॉट्सएप ने अब यह अनिवार्य कर दिया है कि जो भी यूजर नियम और शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा, उसका अकाउंट 8 फरवरी के बाद

By Newzzar

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