सोने के गहनों की हॉलमार्किंग 16 जून से शुरू होगी. इससे पहले, नवंबर 2019 में, सरकार ने घोषणा की थी कि 15 जनवरी, 2021 तक सोने के आभूषणों और कलाकृतियों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी जाएगी, हालांकि ज्वैलर्स ने महामारी का कारण बताते हुए समय सीमा बढ़ाने की मांग की जिसके कारण इसे 1 जून तक के लिए टाल दिया गया. बाद में समय सीमा एक पखवाड़े के लिए बढ़ाकर 15 जून कर दी गई, गोल्ड हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता को प्रमाणित करती है और वर्तमान में अनिवार्य नहीं बल्कि स्वैच्छिक है.

सरकार ने 15 जून से आभूषण बेचने की नई व्यवस्था लागू करने के लिए कमेटी का गठन किया है.यह कमेटी हॉलमार्किंग से जुड़े सवालों का समाधान करेगी, समिति की अध्यक्षता बीआईएस के निदेशक प्रमोद तिवारी करेंगे. उपभोक्‍ता मामले विभाग की अपर सचिव निधि खरे और ज्‍वैलर्स एसोसिएशन, ट्रेड एंड हॉलमार्किंग यूनिट के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे.

हॉलमार्किंग नियम लागू होने के बाद सिर्फ 22 कैरेट, 18 कैरेट, 14 कैरेट के आभूषण ही बेचे जाएंगे. हॉलमार्किंग पर बीआईएस की मुहर, कैरेट की जानकारी होगी. आभूषण बनाने की तिथि भी जौहरी के नाम होगी. बीआईएस हॉलमार्किंग प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों से जुड़ी है.

हॉलमार्किंग में बीआईएस सील की जानकारी होगी. कैरेट का जौहरी बनने का साल भी दर्ज होगा जौहरी का नाम बीआईएस हॉलमार्किंग प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है. हॉलमार्किंग से सोने के बाजार में पारदर्शिता भी बढ़ेगी.यह नया कानून उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करेगा. ग्राहक को धोखा नहीं दिया जा सकता है. सोने की शुद्धता पर थर्ड पार्टी गारंटी होगी.

हॉलमार्क ज्वेलरी पर अलग-अलग निशान होंगे. अगर आप मैग्नीफाइंग ग्लास से देखेंगे तो आपको गहनों पर 5 निशान नजर आएंगे. इसमें बीआईएस लोगो, सोने की शुद्धता संख्या जैसे 22k या 916, हॉलमार्किंग केंद्र लोगो, अंकन का वर्ष और जौहरी पहचान संख्या होगी.

घर में सोने का क्या?

सोने की हॉलमार्किंग का घर में रखे सोने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. ग्राहक जब चाहे पुराने गहने बेच सकेगा. सोनी वर्कर्स के लिए हॉलमार्किंग एक जरूरी नियम है. वे बिना हॉलमार्क के सोना नहीं बेच सकते.

By Newzzar

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