CORONA

म्यूकोर्मिकोसिस को सरकार द्वारा महामारी घोषित किया गया है सिर्फ गुजरात में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी इसके मामले चिंताजनक रूप से बढ़ते जा रहे हैं, गुजरात में भी यह महामारी घोषित की जा चुकी है. सौराष्ट्र में म्यूकोरिया के मामले सबसे ज्यादा हैं, अकेले राजकोट में म्यूकोर्मिकोसिस के मामलों की संख्या 650 तक पहुंच गई है.

राजकोट में म्यूकोर्मिकोसिस के मामलों की संख्या 650

कोरोना के बाद सौराष्ट्र में म्यूकोर्मिकोसिस एक बड़ी महामारी का सामना कर रहा है, राजकोट और सौराष्ट्र में म्यूकोमाइकोसिस के मामले बढ़ रहे हैं, राजकोट में म्यूकोर्मिकोसिस के मामलों की संख्या 650 पहुंच गई है, इनमें से 450 सिविल अस्पतालों में और 200 निजी अस्पतालों में हैं।,राजकोट के बाद जामनगर आए हैं, जामनगर में म्यूकोर्मिकोसिस के 94 मामले सामने आए हैं, अब गुजरात का सबसे बड़ा म्यूकोमाइकोसिस वार्ड हाउसफूल होने की कगार है.

सिविल में कोरोना से ज्यादा म्यूकोर्मिकोसिस के मरीज

राजकोट में स्थिति यह है कि सिविल अस्पताल में कोरोना के मरीजों की संख्या से कहीं ज्यादा म्युकोरिया के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. ऐसे में प्रबंधन काफी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है. इसलिए समय के साथ स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, इसलिए तंत्र द्वारा 1000 बिस्तरों वाले समरस अस्पताल को म्यूकोर्मिकोसिस अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है.सिविल अस्पताल में इस समय कोरोना के 407 मरीज हैं, जबकि म्यूकोरिया के 450 मरीज भर्ती हैं.

By Newzzar

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