The impact of the storm in Rajkot

अरब सागर से शुरू हुए तूफान ताऊ-ते ने महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के कई जिलों को हिला कर रख दिया है. तूफान ने हताहतों की संख्या कम कर दी लेकिन लाखों का आर्थिक नुकसान हुआ.इसका मतलब है कि भले ही ताऊ-ते तूफान पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का तूफान बन रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के 23 मई से प्रभावी होने और 26 मई तक भुवनेश्वर, उड़ीसा से टकराने की उम्मीद है.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वरिष्ठ अधिकारी एच.आर. बिश्वास ने कहा- इस सप्ताह के अंत में बंगाल की खाड़ी में एक और लॉ प्रेशर सिस्टम सक्रिय हो रही है, जिसका असर 23 मई से देखने को मिलेगा, आईएमडी विभाग इस समय नवनिर्मित लो प्रेशर सिस्टम पर लगातार नजर रख रहा है.तूफान के 26 मई को भुवनेश्वर, उड़ीसा से टकराने की संभावना है. हालांकि अभी तूफान के नाम की घोषणा नहीं की गई है.

ताऊ-ते हरिकेन सिस्टम अरब सागर में बना. १६ मई को ताऊ-ते ने मुंबई की ओर जोरदार प्रहार किया और १७ तारीख की दोपहर को इसका असर गुजरात में दिखने लगा. गुजरात में वेरावल, ऊना, भावनगर, महुवा और अहमदाबाद भी ताऊ-ते तूफान से तबाह हो गए,ताऊ-ते 18 तारीख की देर शाम से राजस्थान की ओर बढ़ रहा है. 17-18 के दौरान और मुंबई और गुजरात के कई शहरों में भारी से बहुत भारी बारिश भी देखी गई.

By Newzzar

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