gujarat

जब भी आपदा आती है, देश में आपदा राहत के लिए एनडीआरएफ की टीमें हमेशा तत्पर रहती हैं. वर्तमान में, गुजरात के सौराष्ट्र के तटीय जिलों में तूफान आने की संभावना है, इसे ध्यान में रखते हुए सभी जगहों पर एनडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है. गिर सोमनाथ जिले में भी एनडीआरएफ की 2 टीमों को तैनात किया गया है, जिसे जिले में हर तरह के उपकरणों के साथ स्टैंड बाई पर रखा गया है.

  • NDRF के जवानों को किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदा से लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है.
  • साथ ही सभी प्रकार के उपकरणों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है.
  • एनडीआरएफ के जवान 100 फीट गहरे तक डूबे लोगों को बचाने की क्षमता रखते हैं.
  • भूकंप, तूफान और भारी बारिश की स्थिति में भी इस स्नानागार में बचावकार्य के लिए सकुशल होते है.

भूकंप, तूफान या भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान एनडीआरएफ के जवानों को तैनात किया जाता है. गुजरात में NDRF का मुख्यालय वडोदरा में है, तूफान, बाढ़, भूकंप या इमारत ढहने की स्थिति में देश में बचाव अभियान चलाना पड़ता है. ऐसे समय में एनडीआरएफ हमेशा सबसे आगे रहता है.

  • यहां यह उल्लेखनीय है कि इस टीम के साथ नाव, रस्सा, संचार उपकरण हमेशा उपलब्ध कराए जाते हैं.
  • साथ ही खतरनाक इलाकों से लोगों को निकालने और उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी एनडीआरएफ की होती है.
  • इसके अलावा सड़क को खोलना है और बिजली के गिरे हुए पोल व तारों को काटकर सड़क को खोलने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है.

By Newzzar

Leave a Reply

Your email address will not be published.