CM RUPANI

भारत में प्रवेश करने के बाद से गुजरात कोरोना महामारी से जूझ रहा है. गुजरात में लगातार कोरोना का ग्राफ बढ रहा है. दूसरी लहर में, कोरोना मुश्किल से थोडा बहुत कंट्रोल हुआ तो म्यूकोर्मिकोसिस ने पछाड़ दिया. फिर भी गुजरात मुश्किल से कोरोना की दूसरी लहर के खिलाफ बैठा है, जहां यह बीमारी लोगों के लिए जानलेवा बन चुकी है. गुजरात सरकार इस समय दोनों मोर्चों पर लड़ रही है. वहां अब गुजरात सरकार का एक और टेस्ट लिया जा रहा है. चक्रवात ताऊ-ते अब गुजरात से टकराने जा रहा है.

Gujarat government's litmus test, three hazards - hurricanes, corona and mucormycosis

यह तूफान इस समय सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. जो गुजरात के दक्षिण से सौराष्ट्र तक 17 से अधिक जिलों को प्रभावित करेगा. इस तरह गुजरात सरकार इस समय तीन मोर्चों पर अग्निपरीक्षा दे रही है. तूफान, कोरोना और म्यूकोर्मिकोसिस.

गुजरात सरकार की तूफान से लड़ने की योजना

तूफान की आवाजाही पर लगातार नजर रखने के लिए राज्य के तटीय जिलों में साइक्लोन अलर्ट सिस्टम लगाए जा रहे हैं. जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि एनडीआरएफ टीम द्वारा गुजरात के तटीय जिलों में तैनात ‘शून्य’ हताहत की अवधारणा के साथ तूफान के परिणामस्वरूप कोई मौत न हो. भारत सरकार द्वारा आवंटित एनडीआरएफ की चार टीमों को राज्य के तटीय जिलों में तैनात किया गया है.

Gujarat government's litmus test, three hazards - hurricanes, corona and mucormycosis

साथ ही एसडीआरएफ की 3 टीमों को तैनात किया गया है और बीएसएफ के अलावा पुलिस, दमकल विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है. वहीं, तटीय जिलों के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट और आईसीयू के मरीजों को सुरक्षित रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें नजदीकी जिला अस्पताल में शिफ्ट करने की व्यवस्था की जाएगी.

कोरोना और म्यूकोर्मिकोसिस

गुजरात में कोरोना के मामले धीरे-धीरे काबू में आ रहे हैं. कोरोना का केस अब पांच की जगह चार अंकों में हो गया है, जिससे पता चलता है कि कोरोना की दूसरी लहर का असर धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. लेकिन संकट अभी खत्म नहीं हुआ है. इनमें म्यूकोरीमाइकोसिस गुजरात के अधिकांश शहरों में प्रसरना शरु हो गया है. अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा में उनके मामले बढ़ते जा रहे हैं.

By Newzzar

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