RBI

भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना संकट से निपटने के लिए हेल्थ सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के लोन की व्यवस्था की है. वहीं रिजर्व बैंक ने आम आदमी के राहत के लिए भी ऐलान किए हैं. आइए जानते हैं कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास के बुधवार के ऐलान की प्रमुख बातें क्या रहीं. 

  • मौजूदा स्थिति में KYC के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं. बैंक किसी भी खाते से लेनदेन पर केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं होने के कारण 31 दिसंबर तक रोक नहीं लगा सकेंगे. यानी ग्राहकों को 31 दिसंबर, 2021 तक की राहत दे दी गई है. बैंक इस साल 31 दिसंबर तक केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण किसी भी खाते से लेनदेन पर रोक नहीं लगा सकेंगे.
  • प्रॉपराइटरशिप फर्म, ऑथराइज्ड सिग्नेटरी और वैधानिक इकाइयों के लाभार्थी मालिक भी वीडियो केवाईसी सुविधा के पात्र होंगे. साथ ही केवाईसी के पीरियॉडिकअपडेशन के लिए भी वीडियो केवाईसी सुविधा की अनुमति दी गई
  • रिजर्व बैंक अगले पंद्रह दिन में 35 हजार करोड़ की सरकारी प्रतिभूति की खरीद करेगा.
  • राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जाएगी. ओवरड्राफ्ट सुविधा की अवधि बढ़ाकर 50 दिन कर दी गई है.
  • छोटे वित्त बैंकों के लिए 10,000 करोड़ का आवंटन किया है. केंद्रीय बैंक ने 10,000 करोड़ रुपये तक के स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFB) के लिए लंबी अवधि के रेपो रेपो ऑपरेशन की घोषणा की है. इसका उपयोग प्रति उधारकर्ता 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए किया जाएगा.
  • 50 हजार करोड़ रुपये की नकदी कोविड से जुड़े हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए मिलेगी. .सके तहत बैंक वैक्सीन निर्माताओं, ​आयातकों, ऑक्सीजन सप्लायर्स, कोविड की दवाइयों के उत्पादक, अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब आदि को लोन देंगे. यह सुविधा 31 मार्च 2022 तक रहेगी.

By Newzzar

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