saina

फिल्म साइना उस बैडमिंटन ‘शेरनी’ की कहानी है, जिससे बेहतर शटलर देश में अभी तक कोई नहीं. जिनकी सिद्धियों ने देश को विश्व बैडमिंटन मानचित्र पर ‘शेर’ बनाया. सायना के जिसने मजबूत चीन की चुनौती को कड़ी टक्कर दी और उसकी दीवार में सेंध लगाई. जो लाखों लड़कियों की प्रेरणा बनी और विश्व की नंबर वन बैडमिंटन खिलाड़ी रही साइना नेहवाल की यह बायोपिक सरल है. बैडमिंटन कोर्ट पर साइना के संघर्ष के साथ माता-पिता का उन पर कड़ा परिश्रम, उन्हें खेल पर निरंतर फोकस और हर उतार-चढ़ाव में साथ देना सब बखूबी इस फिल्म में दर्शाया गया है.

साइना का अपने कोच पी. गोपीचंद से विवाद और पी वी सिंधु से प्रतिद्वंद्विता को छोड़ दें तो ऐसा कुछ नहीं है, जो बेवजह की सुर्खियां बना हो. गोपीचंद के साथ मतभेदों को जरूर अमोल गुप्ते ने कहानी में रखा है, लेकिन वह सिंधू के साथ प्रतिद्वंद्विता को बिसरा कर आगे बढ़े हैं.

साइना फिल्म की स्टारकास्ट ने इसे देखने लायक बना दिया है. सभी कलाकारों ने बढ़िया काम किया है. परिणीति चोपड़ा तो टॉप फॉर्म में चल रही हैं. यह फिल्म उनके करियर की बेस्ट परफॉर्मेंस कहा जा सकता है.साइना नेहवाल की सफलता के पीछे उनकी मां का बड़ा हाथ रहा है. मेकर्स ने इस बात पर गौर किया मेघना मलिक को कास्ट कर लिया. मेघना के साथ परिणिती की बॉंडिंग उमदा है. फिल्म के बाकी सारे कलाकारो का अभिनय प्रंशसनीय है.

कहा रह गइ चूक

फिल्म बैडमिंटन पर बनाई गई थी, तो इस लिहाज से दर्शकों को बैडमिंटन के बेहतरीन मैच देखने का मौका मिलना चाहिए था. ऐसा नहीं है कि मैच दिखाए नहीं गए हैं, लेकिन कम हैं और जो दिखे भी हैं उनमें इंटेनसिंटी थोड़ी कम रह गई है. 

फिल्म देखनी चाहिए या नहीं

फिल्म देख डालिए, निराशा नहीं ढेर सारी मोटिवेशन मिल जाएगी.

By Newzzar

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