corona

आज से ठीक एक साल पहले महामारी कोरोना ने देश में एसी एन्ट्री ली के पूरे देश पर ब्रेक लगाने की नौबत आ गई थी. कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से ठीक एक साल पहले रात 8 बजे देश में लॉकडाउन की धोषणा की थी. उस वक्त कोरोना ने देश पर ऐसा कहर बरसाया कि सब कुछ बंद हो गया.

पर हम भारतवासीयों की खासियत रही है की मुश्केल समय को भी अवसर में बदल देते है. मुश्केल वक्त हमे नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करता है,यही नई बातें जहां हमारा अस्तित्व बचाने में मदद करती हैं, वहीं आगे बढ़ने की ताकत भी देती हैं,लॉकडाउन में भी वैसा ही हुआ.

कई नए कन्सेप्ट्स आए

  • कोरोना के चलते कर्मचारी घर से ही काम कर सके इस हेतु से वर्क फ्रोम होम का कन्सेप्ट आया. विदेशो की तरह अब भारत में भी लोंग घर से ही पूरी सलामती से काम करने लगे है.
  • बच्चों की पढाई ऑनलाईन हुई,हमारे देश में अभी तक शायद कभी ही एसा हुआ होंगा की सारे बच्चें फोन से या लेपटोप से पढाई कर रहे हो.लेकिन कोरोना के चलते एसा होने लगा है, अघिकत्तर बच्चे ऑनलाईन पढाई कर रहे है.
  • लॉकडाउन ने महिला सदस्यों को खासतौर पर प्रभावित किया. एक ओर जहां घर से काम करते हुए परिवार से संतुलन रखने की चुनौती थी, महिलाओ नें दोगुनी ताकात से काम किया, और परिवार में संतुलन बनाया.
  • तेल-साबुन से दाल-चावल तक, ऑनलाइन खरीदने की आदत भारतीयों में तेजी से बढ़ी. लोकल सर्कल्स नामक एजेंसी के सर्वे में 358 शहरों के 49% लोगों ने बताया कि वे मोबाइल एप व ई-कॉमर्स वेबसाइट से खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं.
  • ऑनलाइन बैठकों को भारतीयों ने इतनी तेजी से अपनाया कि जूम के सीईओ एरिक युआन के अनुसार, उनके प्लेटफॉर्म पर हमारी संख्या 70 गुना बढ़ी है
  • 18% दुकानदारों ने सामान घर पहुंचाना शुरू कर दिया। यही वजह है कि आईवीसीए संगठन के अनुसार सालाना 27% वृद्धि दर के साथ बढ़ते हुए 2024 तक भारत में ऑनलाइन खरीदारी 7.17 लाख करोड़ पहुंच जाएगी.

कहा जाता है की हर सिक्के दो पहलू होते है. वैसे ही इन चीजो के भी हकारात्मक और नकारात्मक दोनो पहलू है. असर जो भी हो. लेकिन यह बात सच है की कोरोना की वजह से लोगों ने विकल्प ढूंढना शुरु कर दिया है.

By Newzzar

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