MITHUN

कोलकाता में प्रधानमंत्री मोदी की रैली से पहले अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने भाजपा का दामन थाम लिया. उन्होंने कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में पीएम मोदी की रैली के मंच पर बीजेपी का झंडा लहराया और पार्टी में शामिल हो गए. इस दौरान बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष और कैलाश विजयवर्गीय मंच पर मौजूद रहे.

गरीबों के लिए सपना देखा था, अब पूरा करुंगा

मिथुन ने कहा कि 18 साल की उम्र से गरीबों के लिए कुछ करने का सपना देखता था. ये सपना मैं पूरा करूंगा.साथ ही मे उन्होने कहा की-  मैं बंगाल में रहने वाले सभी बंगालियों से बोलता हूं कि हर चीज में आपका हक है. आपका हक जो छीनने की कोशिश करेगा, वहां हम जैसे कुछ लोग खड़े हो जाएंगे. सभी के भाषण सुन चुके हैं. बंगाल में रहने वाला हर कोई बंगाली है. मैं दिल से बंगाली हूं.हम गरीबों के लिए कुछ करना चाहते हैं. मेरा नाम मिथुन चक्रवर्ती है, मैं जो बोलता हूं, वो करता हूं. मुझ पर भरोसा रखिएगा, मैं कभी भागा नहीं हूं.

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राजनीति से मिथुन चक्रवर्ती का पुराना नाता

मिथुन ने अपनी सियासी पारी की शुरुआत ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से की थी. साल 2011 में जब टीएमसी बंगाल के सत्ता के शीर्ष पर पहुंची थी तो ममता ने उन्हें अपने साथ जोड़ा था.

2014 में ममता ने उन्हें राज्यसभा भी भेजा, लेकिन वो उच्च सदन में करीब दो साल ही रहे और 2016 के अंत में उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और सियासत से संन्यास का ऐलान कर दिया. मगर अब एक बार फिर मे मिथुन सियासी मंच पर पहुंचे हैं और इसबार ममता के खिलाफ चुनाव बिगुल फूंका है.

हालांकि, 2016 में मिथुन के राजनीति से संन्यास के पीछे की एक वजह शारदा चिटफंड घोटाले को भी बताया जाता है, जिसमें उनका नाम आया था. मिथुन चक्रवर्ती शारदा कंपनी में ब्रांड एंबेसडर थे. ईडी ने मिथुन चक्रवर्ती से पूछताछ भी की थी.

By Newzzar

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