gautam gambhir

टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट को फिर से शुरू करने के विचार का कड़ा विरोध किया है. गंभीर का मानना है कि जब तक पाकिस्तान जम्मू एवं कश्मीर में सीमा पार आतंकवाद को बंद नहीं कर देता, तब तक भारत को इस पड़ोसी देश के साथ क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए. गौतम गंभीर ने कहा, ‘आखिरकार, क्रिकेट कोई मायने नहीं रखता, बल्कि हमारे सैनिक रखते हैं.’

पहले देश, खेल बाद में

गंभीर ने तर्क दिया कि भारतीय क्रिकेटरों को देश के लिए खेलने के लिए अच्छा-खासा भुगतान किया जाता है, लेकिन सैनिक देश की निस्वार्थ रूप से रक्षा करते हैं. गंभीर ने कहा, ‘मैंने देश के लिए खेलकर और मैच जीतकर कोई उपकार नहीं किया है, लेकिन किसी ऐसे व्यक्ति को देखें, जो सियाचिन या पाकिस्तान सीमा पर हमारा बचाव कर रहा है और थोड़े से पैसे लेकर ही अपनी जान जोखिम में डाल रहा है. असल में तो वही हमारे देश के सबसे महान नायक हैं.’

बचपन से ही सेना में शामिल होना चाहते थे

गंभीर (Gambhir) बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होना चाहते थे, लेकिन जब वह स्कूल में थे और उन्होंने घरेलू स्तर पर खेली जाने वाली प्रतिष्ठित रणजी ट्रॉफी में खेलना शुरू किया तो उनके माता-पिता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए खेलने के लिए मनाया था. गंभीर ने उस बात को याद करते हुए कहा, ‘यह देश के लिए खड़े होने का एक और तरीका था, इसलिए मैं सहमत हो गया.’

By Newzzar

Leave a Reply

Your email address will not be published.